Shahjahanpur के राष्ट्रीय चिह्नों को बुलडोजर से तोड़े जाने के बाद विरोध की लहर फैली

2026-03-24

शाहजहांपुर में राष्ट्रीय चिह्नों के तोड़े जाने के घटनाक्रम ने राज्य के विपक्षी दलों के बीच तीखी नाराजगी फैला दी है। राष्ट्रीय चिह्नों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता ने इस घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय चिह्नों के तोड़े जाने की घटना

शाहजहांपुर में राष्ट्रीय चिह्नों के तोड़े जाने की घटना रविवार रात को हुई थी। राष्ट्रीय चिह्नों में शामिल रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान और रोशन सिंह के मूर्तियों को एक बुलडोजर से तोड़ दिया गया था। इन मूर्तियों को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कार्यालय के बाहर एक सड़क के किनारे लगाया गया था और इनकी नियमित रूप से माला चढ़ाई जाती थी।

एक वीडियो के जरिए यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद लोगों के बीच तीखी नाराजगी फैल गई। इस वीडियो में दिखाया गया कि मूर्तियों को तोड़ा गया और उनके टुकड़े अपशिष्ट स्थल पर फेंक दिए गए। - afhow

राष्ट्रीय चिह्नों के इतिहास

रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान और रोशन सिंह भारत के राष्ट्रीय चिह्न हैं। ये तीनों लोग उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले थे और उन्होंने 1925 में काकोरी में एक रेलगाड़ी पर डकैती की थी। इस घटना के बाद ब्रिटिश सरकार ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया था और 19 दिसंबर 1927 को उन्हें फांसी दे दी गई थी।

इन लोगों के बारे में बताया जाता है कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके नाम पर कई यादगार बनाए गए हैं और उनके सम्मान में लोग नियमित रूप से उनके चित्र पर माला चढ़ाते हैं।

विपक्षी दलों की नाराजगी

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने आरोप लगाया कि मूर्तियों को तोड़ा गया क्योंकि उनके नाम के एक प्लेकार्ड को खत्म करना चाहा गया था। उन्होंने इस घटना को राष्ट्रीय चिह्नों के लिए एक अपमान कहा और सरकार के अर्जित कार्यों की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि राष्ट्रीय चिह्नों के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एक खबर साझा करते हुए इस घटना के बारे में अपनी राय व्यक्त की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि भारत राष्ट्रीय चिह्नों के अपमान को सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर में राष्ट्रीय चिह्नों के तोड़े जाने के बाद लोगों के बीच आक्रोश फैल गया है।

विरोध की लहर फैली

इस घटना के बाद लोगों के बीच विरोध की लहर फैल गई है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय चिह्नों के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। इस घटना के बाद कई लोग इसके विरोध में बाहर आए हैं।

कांग्रेस के नेता अजय राय ने कहा कि भारत के 145 करोड़ लोगों के लिए राष्ट्रीय चिह्नों के अपमान की बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार इस घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करे। अगर न्याय नहीं किया गया तो कांग्रेस के कार्यकर्ता बाहर आएंगे और इस अत्याचार के विरोध में तीखा विरोध करेंगे।

अजय राय ने कहा कि आम भारतीय राष्ट्रीय चिह्नों को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिह्नों के लिए लोगों की भावनाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं।